इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना में बुधवार को हैदर टैंक शामिल हो गया है। पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और चीन के राजदूत की मौजूदगी में टैंक का अनावरण करते हुए ये घोषणा की गई। पंजाब के हेवी इंडस्ट्रीज तक्षशिला (एचआईटी) में हैदर टैंक (पायलट प्रोजेक्ट) के रोलआउट समारोह में पहुंचे। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बयान जारी करते हुए कहा कि ये रक्षा क्षेत्र में पाकिस्तान के स्वदेशीकरण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। पाकिस्तान के हैदर टैंक को भारत के टी-90 टैंक के टक्कर का हथियार माना जा रहा है।
पाकिस्तान सेना प्रमुख के साथ इस कार्यक्रम में चीन के राजदूत और चीनी राज्य कंपनी NORINCO के अधिकारी भी शामिल हुए। हैदर टैंक NORINCO चीन और पाकिस्तान के बीच सहयोगात्मक प्रयासों का एक उत्पाद है। आईएसपीआर के अनुसार, हैदर टैंक युद्ध क्षमताओं में एक बड़ी बढ़त का प्रतिनिधित्व करता है, जो अत्याधुनिक तकनीक और शानदार मारक क्षमता, सुरक्षा और युद्धाभ्यास विशेषताओं का दावा करता है।
क्या है हैदर टैंक की ताकत
हैदर टैंक के अनावरण के बाद असीम मुनीर को तकनीकी क्षमताओं और हथियारों और शस्त्रागार में स्वदेशीकरण हासिल करने में हुई प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जनरल मुनीर ने हैदर टैंक द्वारा प्रदर्शित तकनीकी कौशल की प्रशंसा और सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की है। मुनीर ने कहा कि हैदर टैंक का रोलआउट एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते सहयोग को भी रेखांकित करता है।
सैन्य संबंधी डेटा रखने वाली वेबसाइट ग्लोबल फायरपावर ने कुछ समय पहले 'सैन्य ताकत सूची-2024' जारी की है। इसमें 145 देशों की सेनाओं की क्षमताओं का विश्लेषण किया गया है। इस लिस्ट के मुताबिक, भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे ताकतवार सेना है और अमेरिका सैन्य क्षमता के मामले में सबसे शक्तिशाली देश है। लिस्ट में पाकिस्तान के पास दुनिया की 9वीं सबसे ताकतवर सेना है। इस लिस्ट में सैनिकों की संख्या, हथियार, फाइनेंस, लोकेशन और रिसोर्स जैसे 60 से ज्यादा पैमानों के आधार पर रैंकिंग की गई है।