फ्रांस ने मुस्लिम धर्मगुरू को देश से निकाला:इमाम महजूब ने फ्रेंच नेशनल फ्लैग का किया था अपमान

Updated on 26-02-2024 12:39 PM

फ्रांस की एमैनुएल मैक्रों सरकार ने इमाम महजूब महजूबी को देश से निकाल दिया है। इस मुस्लिम धर्मगुरू ने फ्रांस के राष्ट्रीय ध्वज यानी नेशनल फ्लैक को शैतानी या राक्षस जैसा दिखने वाला बताया था।

होम मिनिस्टर गेराल्ड डार्मेनिन ने इमाम को देश से निकालने के फैसले की जानकारी दी। कहा- इस तरह के सभी लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि इस देश में कट्टरता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चंद घंटे में देश निकाला

महजूबी मूल रूप से ट्यूनीशिया का रहने वाला है और फ्रांस के मुस्लिम समुदाय में काफी लोकप्रिय है। इसके पहले भी उसने कई भड़काउ बयान दिए हैं। शुक्रवार को उसने फ्रांस के नेशनल फ्लैग को तीन रंग वाला शैतान बताया था। कुछ देर बाद सरकार ने उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। इसके करीब 10 घंटे बाद ही सरकार ने लिखित बयान जारी किया। कहा- महजूबी को देश से निकलने के आदेश दिए हैं।

होम मिनिस्टर ने कहा- इस तरह के किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। किसी को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। हम इस तरह के मामलों से सख्ती से निपटेंगे। इसके पहले भी इस इमाम ने समाज को भड़काने वाले बयान दिए हैं।

सफाई भी काम नहीं आई

महजूबी अब तक भड़काउ बयान देने के बाद भी बचता आया था। इस बार ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, बयान के बाद उसने कहा- मैंने कोई गलत बयान नहीं दिया और न ही कोई कानून तोड़ा है। मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया।

फ्रेंच मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक- इमाम समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहा था। फ्रांस में आजादी का मतलब ये कतई नहीं है कि आप नफरत फैलाएं और कट्टरता को बढ़ावा दें। दूसरी तरफ, इमाम के वकील ने कहा- हम सरकार के इस आदेश को कोर्ट में चैलेंज करेंगे।

वकील भले ही इमाम को देश से निकाले जाने के फैसले को कोर्ट में चैलेंज करने की बात कह रहे हों, लेकिन ये काम आसान नहीं होने वाला। दरअसल, हाल ही में फ्रांस सरकार ने इमीग्रेशन से जुड़ा नया कानून पास किया था। इसके तहत इमाम महजूबी का बच पाना नामुमकिन सा है।

विदेशी इमामों की एंट्री पर बैन

फ्रांस में अब दूसरे देशों के इमाम काम नहीं कर सकेंगे। इसके लिए प्रेसिडेंट एमैनुएल मैक्रों की सरकार ने जनवरी 2024 में नया कानून लागू किया था। जो विदेशी इमाम पहले से मौजूद हैं, उन्हें भी वापस भेजा जाएगा या लोकल मस्जिदों में उन्हें कोई छोटा काम दिया जा सकता है।

फ्रांस सरकार ने ‘फोरम ऑफ इस्लाम इन फ्रांस’ नाम की एक संस्था बनाई है। इसमें सभी मजहबों के लीडर्स रहेंगे। इस संस्था की जिम्मेदारी देश के मुस्लिमों को सही राह दिखाना और कट्टरपंथ से दूर रखना होगी।

मैक्रों ने फरवरी 2020 में पहली बार इस कानून को लाने के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था- हमें कट्टरता को खत्म करना होगा। महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना होगा। उन्हें दबाया नहीं जा सकेगा। यही हमारे देश की सोच और परंपरा है।

फ्रांस में 1977 एक नियम बनाया गया था। इसके तहत चार मुस्लिम देशों को यह मंजूरी दी गई थी कि वो अपने इमाम फ्रांस भेज सकते हैं। इनको मजहब और इस्लामिक कल्चर से जुड़ीं जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। हालांकि, नई कमेटी पर अभी से सवालिया निशान लगने लगे हैं।

फ्रांस में हालिया वक्त में कई आतंकी हमले हुए हैं और इनमें से ज्यादातर के जिम्मेदार दूसरे देशों से कानूनी और गैर कानूनी तौर पर आए लोग शामिल रहे हैं। 2015 में यहां आतंकी हमले में 130 लोग मारे गए थे और 500 घायल हुए थे। एक अनुमान के मुताबिक- आतंकी संगठन ISIS में फ्रेंच मूल के करीब 1910 लोग शामिल हुए थे।

हिजाब पर भी पाबंदी

अगस्त 2023 में फ्रांस सरकार ने सरकारी स्कूलों में इस्लाम से जुड़ी पोशाक पहनने पर रोक लगा दी थी। इसका काफी विरोध हुआ था और कहा गया था कि ये मुस्लिमों की पहचान खत्म करने की साजिश है। इसके अलावा मस्जिदों और मुस्लिम एसोसिएशन की कथित निगरानी का मामला भी काफी विवादों में रहा था।

फ्रांस ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टेटेटिक्स एंड इकोनॉमिक स्टडीज डिपार्टमेंट’ के मुताबिक, शहरी इलाकों में मुस्लिमों की आबादी करीब 10% है। पश्चिमी यूरोप में मुस्लिमों की सबसे ज्यादा जनसंख्या भी फ्रांस में ही है।

जर्मनी और फ्रांस दोनों ने यह तय किया है कि मजहबी मामलों में अब दूसरे देशों का दखल खत्म किया जाएगा। जर्मन सरकार ने 2 जनवरी 2024 को ऐलान किया था कि अब हर साल 100 इमाम जर्मनी में ट्रेंड होंगे। अब तक ये तुर्किये से ट्रेनिंग लेकर आते थे। जर्मनी में करीब 900 मस्जिदें हैं और सभी के इमाम या तो तुर्किये से आए हैं या इन्होंने मजहबी शिक्षा वहां हासिल की है। फ्रांस में मौजूद इमाम अल्जीरिया, तुर्किये और मोरक्को से आए हैं।

फंडिंग का मसला
फ्रांस में धार्मिक स्थानों को मिलने वाली फंडिंग की भी जांच भी होती है। आतंकवाद और कट्‌टरपंथ की फ्रांसीसी वॉच लिस्ट के मुताबिक- कुछ धार्मिक जगहों में शिक्षा के नाम पर कट्‌टरपंथी सोच को बढ़ावा देने की रिपोर्ट्स के बाद यह फैसला लिया गया था। 2020 में फ्रांस सरकार ने जांच के लिए 2,450 मस्जिदों की लिस्ट बनाई थी।

फ्रांस की होम मिनिस्ट्री का मानना है कि रूस सहित पूर्वी यूरोप के देशों से शरण मांगने के नाम पर बड़ी संख्या में लोग फ्रांस में बस रहे हैं। ये फ्रांस की डेमोक्रेसी का गलत फायदा उठाकर कट्‌टरपंथ को बढ़ावा देते हैं।

फ्रांस ने 2017 से 2021 के दौरान सात लाख लोगों को शरण दी थी। इनमें से छह लाख पाकिस्तान, सीरिया, लीबिया, मोरक्को, और क्रोएशिया के थे। अब सरकार ने शरण मांगने वालों की तादाद 75 हजार कर दी है।

फ्रांस ने 2004 में स्कूलों में हेडस्कार्फ पहनने पर और 2010 में सार्वजनिक रूप से पूरे चेहरे के नकाब पर प्रतिबंध लगा दिया था। फ्रांस के सरकारी स्कूलों में बड़े क्रॉस, यहूदी किप्पा और इस्लामी हेडस्कार्फ पहनने की इजाजत भी नहीं हैं।

2019 में फ्रांस की कुल जनसंख्या करीब 6.7 करोड़ थी। इसमें करीब 65 लाख मुस्लिम थे। 1977 में फ्रांस ने 4 देशों से एक समझौता किया था। करार के मुताबिक, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मोरक्को और तुर्किये फ्रांस में इमाम यहां भेज सकते थे। अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है।


Advt.

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच 2 मार्च को किए गये यूरेनियन समझौते को लेकर चिंता जताई है। भारत और कनाडा ने एक ऐतिहासिक 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम…
 05 March 2026
दोहा: कतर में ईरानी बॉम्बर्स को अमेरिकी एयरबेस पर हमला करने से ठीक दो मिनट पहले मार गिराया गया। सीएनएन ने जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से इस ऑपरेशन के…
 05 March 2026
दोहा: ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में यूएस आर्मी के ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की कोशिश खाड़ी देशों में बने अमेरिकी…
 05 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से में अस्थिरता है। अरब जगत में बढ़ती टेंशन रूस के…
 05 March 2026
ओटावा: कनाडा के विंडसर में मंगलवार रात को नैंसी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। 45 साल की पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी खालिस्तानियों के खिलाफ…
 05 March 2026
दुबई: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने यूएई में अमेरिकी एयर डिफेंस THAAD पर सफल हमले का दावा किया है। आईआरजीसी ने कहा है कि उसने THAAD की…
 03 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारों को लेकर एक पोस्ट किया है। उन्होंने ईरान युद्ध के बीच कहा है कि 'यूनाइटेड स्टेट्स के हथियारों का स्टॉक, मीडियम और…
 03 March 2026
रियाद: अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान खाड़ी देशों पर लगातार हमले कर रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया गया है।…