सूत्रों के मुताबिक भारत में टेस्ला की प्रवेश योजना में चार्जिंग नेटवर्क में निवेश भी शामिल है। एक सूत्र ने कहा कि टेस्ला पहले से ही भारत से पुर्जे आयात करती है और अब चीन से सोर्सिंग को कम करने और भारत को एक बड़ा सोर्सिंग हब बनाने पर विचार कर रही है। टेस्ला भारत में अपने कारखाने के लिए तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात में साइट देख रही है। इसके दो साल में बनने की उम्मीद है। भारत का ईवी बाजार अभी छोटा है लेकिन यह तेजी से बढ़ रहा है। अभी इसमें टाटा मोटर्स का दबदबा है। साल 2023 में देश के कार बाजार में ईवी की हिस्सेदारी केवल 2% हिस्सा थी लेकिन सरकार 2030 तक इसे 30% तक पहुंचाने का लक्ष्य बना रही है।
