
ईडी का दावा है कि नितिन टिबरेवाल ने फॉरेन इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो के जरिए सट्टेबाजी का करोड़ों रुपये निवेश किया है। वहीं अमित अग्रवाल पर महादेव एप की कमाई से मिलने वाली नकदी रकम को अनेक बैंक खातों में लेकर निवेश कराया है। उसके द्वारा काली कमाई से छेरीखेड़ी में जमीने खरीदने के भी ठोस दस्तावेज व सबूत मिले है। मामले की सुनवाई 14 मार्च को होगी। गौरतलब है कि महादेव एप सट्टेबाजी मामले में ईडी की गिरफ्त में आए भोपाल के मुख्य ऑपरेटर गिरीश तलरेजा और कोलकाता निवासी सूरज चोखानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया गया है। वहीं ईडी के प्रतिवेदन पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने अज्ञात पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ साजिश, जालसाजी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है।