इन गलतियों की वजह से निकला चीन का दम, अर्थव्यवस्था की हालत हुई खराब, जानिए दुनिया पर क्या पड़ रहा असर
Updated on
06-03-2024 05:32 PM
नई दिल्ली: चीन की अर्थव्यवस्था (China Economic) इस समय कई समस्याओं का सामना कर रही है। इसमें धीमी वृद्धि दर, तेजी से बढ़ रही बेरोजगारी और रियल एस्टेट क्राइसिस शामिल हैं। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला चीन पिछले साल से खराब आर्थिक हालत (China Economic) का सामना कर रहा है। पिछले साल यानी 2023 में चीन (China) की अर्थव्यवस्था में गिरावट शुरू हुई थी। यह इस साल भी जारी है। इस हालत को सुधारने के लिए चीन कई उपाय कर रहा है। लेकिन इसके बाद भी कोई दिक्कत दूर नहीं हो रही है। चीन अपनी अर्थव्यवस्था में खराब कर्ज की समस्या से निपटने के लिए बड़ी संख्या में छोटे बैंकों का विलय कर रहा है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के लिए इस साल भी वापसी कर पाना मुश्किल है। चीन की बिगड़ती अर्थव्यवस्था का दंश दूसरे देशों और मल्टीनेशनल कंपनियों को भी झेलना पड़ेगा। अर्थव्यवस्था के फिसलने के पीछे एक-दो नहीं बल्कि कई कारण हैं। चीन पर कई गलतियां भारी पड़ी हैं। इसके चलते ही चीन की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई है।
ये गलतियां पड़ी भारी
चीन की अर्थव्यवस्था में संकट के कई कारण है। चीन में धीमी होती विकास दर, कम विदेशी निवेश, प्रॉपर्टी सेक्टर का संकट, कमजोर निर्यात, कमजोर मुद्रा, युवाओं की लगातार बढ़ रही बेरोजगारी से संकट बढ़ता जा रहा है। चीन की जनता ने अपने कुल निवेश का लगभग 70 फीसदी रियल एस्टेट में कर रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 के आखिर तक यहां के लगभग 78 करोड़ चीनी नागरिक कर्ज में डूब चुके थे और उन पर सारा कर्ज रियल एस्टेट का था। साल 2021 में चीन की सरकार ने बिल्डरों के कर्ज लेने की लिमिट को सीमित कर दिया। इसके बाद कई बिल्डर डिफॉल्टर हो गए हैं। सैकड़ों प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पा रहे हें। लोगों ने भी अब किस्ते चुकाना बंद कर दिया है।
खर्चा करने से बच रहे लोग
शेयर बाजार की हालत खराब होने से भी चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। चीन में 22 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्टॉक मार्केट में निवेश किया हुआ है। लेकिन चीन के शेयर बाजार की हालत खराब है। बीते 3 वर्षों में चीन का शेयर बाजार 50 फीसदी तक गिर चुका है। जबकि दुनिया के बाकी देशों में ऐसा नहीं है। चीन की सरकार बचत करने पर जोर देती है। चीन की इस घरेलू नीति से भी आर्थिक हालात पर असर पड़ा है। चीन के लोग काफी बचत करते हैं। चीन में कम घरेलू खर्च की वजह से भी अर्थव्यवस्था को स्पीड नहीं मिल पा रही है। चीन के लोग ज्यादा खर्च करने से बच रहे हैं।
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