
27 फरवरी की रात करीब 10 बजे बागमुगालिया निवासी 52 वर्षीय शांताबाई अपने पति राजाराम के साथ मिसरोद के आसिमा माल के सामने बस से उतरी ती। दंपती बकतरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस घर लौट रहे थे। दोनों घर जाने के पैदल कारीडोर पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार मैजिक वाहन ने दंपती को कुचल दिया था। शांताबाई की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अस्पताल में भर्ती राजाराम ने भी शनिवार को दम तोड़ दिया।
क्यों बढ़ गए हादसे
दरअसल इस 24 किलोमीटर लंबे मार्ग पर शुरू से ही नगर निगम प्रशासन की अधिकृत कंपनी की बसें ही चलती रही हैं। इसके अलावा आपातकालीन सेवा के वाहन एंबुलेंस एवं फायरब्रिगेड के वाहन ही इसमें चल सकते थे, लेकिन शाम ढलने के बाद इस इसमें आम चार पहिया वाहन भी दौड़ने लगे थे। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट एवं हबीबगंज गणेश मंदिर से गायत्री शक्तिपीठ तक बन रहे फ्लाय ओवर के कारण हबीबगंज नाका से बोर्ड आफिस चौराहा तक कारीडोर का अस्तित्व की समाप्त हो गया था। अंतत: अब इसे हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। कारीडोर हटने की कार्रवाई शुरू होने के बाद अब अधिकतर वाहन कारिडोर में चलने लगे हैं। कोई रोकटोक नहीं रहने से आए दिन हादसे बढ़ रहे हैं।
इस मार्ग पर ब्लैक स्पाट चिन्हित
ट्रैफिक थाना पुलिस के अनुसार, मिसरोद में आशिमा माल के सामने नर्मदापुरम रोड के 300 मीटर के हिस्से को ''''ब्लैक स्पाट'''' के रूप में पहचाना गया है। पिछले तीन साल के दौरान यहां पांच सड़क दुर्घटनाएं हुईं और दो लोगों की जान चली गयी। इसी तरह बाग सेवनिया चौराहा वाला हिस्सा भी ''''ब्लैक स्पाट'''' के रूप में चिन्हित किया है। मिसरोद और बाग सेवनिया दोनों क्षेत्र हाल के वर्षों में शहर के शीर्ष दस सबसे अधिक दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों में शामिल रहे हैं।
क्या कहते हैं लोग
- बीआरटी कारिडोर वर्ष-2009-2010 में बनना शुरू हुआ थ, तब ही कह दिया था कि इससे लोगों को परेशानी ही होगी। आखिकार नगर निगम प्रशासन को कारिडोर हटाना पड़ रहा है, जिससे कट प्वाइंट पर निकलने में हादसे हो रहे हैं। जल्द ही कट प्वाइंट पर कर्मचारी खड़े किए जाएं, जिससे दुघर्टनाएं न हों।
-बीके शर्मा, वरिष्ठ नागरिक भेल
- संत हिरदाराम नगर से लेकर मिसरोद तक 24 किलोमीटर का बीआरटीएस कारिडोर पर हुए हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी हैं। अब जब हट रहा है तो कट प्वाइंट पर दुघर्टनाएं हो रही हैं। कारिडोर को जिन स्थानों पर हटाया जा रहा है, वहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
-नीलेश श्रीवास्तव, रहवासी नेहरू नगर
आधा-आधा किमी. का काम पूरा करना चाहिए
बीआरटीएस कारिडोर निर्माण के बाद से ही सफल नहीं रहा था। अब इसे हटाने से पूरा मार्ग सिक्सलेन होने से ट्रैफिक सुगम होगा। कारीडोर हटाने का काम एक सिरे से शुरू करना चाहिए था। इसे आधा-आधा किलोमीटर क्षेत्र से हटाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। कार्य के दौरान उतने हिस्से पर ट्रैफिक रोककर साथ ही मीडियन डिवाइडर लगाते हुए काम पूरा करना चाहिए। पुरानी रैलिंग बस स्टाप आदि के मलबे को भी तुरंत हटा दिया जाना चाहिए, ताकि हादसे की आशंका न बने।
एसएस लल्ली, रिटायर्ड एएसपी एवं ट्रैफिक विशेषज्ञ
पाइंट लगाएंगे, चालान बनाए जाएंगे
बीआरटीएस कारिडोर हटाने का काम चरणबद्ध ढंग से शुरू किया गया है। कारिडोर हटने का काम शुरू होने के साथ ही अन्य वाहन भी कारिडोर में तेज रफ्तार से चलने लगे हैं। इससे कारिडोर के कट पाइंट पर हादसे बढ़ने लगे हैं। इसके लिए अब कट पाइंट के आसपास पुलिस तैनात रहेगी। कारिडोर में चलने वाले वाहन के चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
श्रुतकीर्ति सोमवंशी डीसीपी ट्रैफिक