
निजी स्कूल संचालकों ने इस पर आपत्ति लेते हुए राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक को ज्ञापन सौंपा है।उनका कहना है कि पांचवीं व आठवीं कक्षा के बच्चे छोटे होते हैं।वे अकेले नहीं जा सकते हैं, बल्कि अभिभावकाें को ले जाना पड़ेगा।निजी स्कूल एसोसिएशन के संचालक अजीत सिंह का कहना है कि 10वीं एवं 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र भी तीन किलोमीटर के दायरे में बनाए जाते हैं।पांचवीं-आठवीं कक्षा के बच्चे इतने छोटे होते हैं।उनके लिए 10 किलो मीटर दूर तक परीक्षा केंद्र बनाना सही नहीं है।
पूरी परीक्षा का संचालन आनलाइन होगा
विभाग ने इस बार परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए विभाग ने अलग से एक आईटी पोर्टल तैयार किया गया है।इसके माध्यम से परीक्षा का पूर्ण संचालन व्यवस्थाएं आनलाइन की गई हैं।इसी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों का सत्यापन,परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राध्यक्षों की मैपिंग,सामग्री वितरण आदि कार्यो के संचालन के साथ ही परीक्षार्थियों के रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा भी प्रदान की गई है।इसी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की परीक्षा में उपस्थिति दर्ज होगी।परीक्षा के बाद होने वाले मूल्यांकन कार्यों और अंक सूची प्रदान करने की सुविधा भी इसी पोर्टल के द्वारा प्रदान की जाएगी।