पेड़ के नीचे हुई थी बीएसई सेंसेक्स की शुरुआत, आज 400 लाख करोड़ से ज्यादा है भारत का मार्केट कैप
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10-04-2024 02:11 PM
नई दिल्ली: हिंदू नववर्ष के पहले दिन मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स भी नई ऊंचाई पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स पहली बार 75,000 अंक के पार पहुंचा। तीन अप्रैल 1979 को सेंसेक्स 100 अंक पर था। 23 जुलाई, 1990 को यह पहली बार 1,000 अंक पर पहुंचा। उसके बाद 5,000 अंक तक पहुंचने में इसे करीब नौ साल का समय लग गया। 2006 में यह पहली बार 10,000 अंक पर पहुंचा और नरेंद्र मोदी के पहली बार देश का प्रधानमंत्री बनने से दस दिन पहले यह 25,000 के आंकड़े को छू गया। 21 जून, 2021 को इसने 50,000 अंक का आंकड़ा छुआ और अब 75,000 अंक पर पहुंचा है। इसके साथ ही भारत का मार्केट कैप पहली बार 400 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। पिछले नौ महीने में इसमें 100 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। एक नजर बीएसई सेंसेक्स के अब तक के सफर पर।हाल के वर्षों में शेयर बाजार में लोगों को दिलचस्पी बढ़ी है। लोग निवेश के परंपरागत विकल्पों को छोड़कर शेयर मार्केट का रुख कर रहे हैं। देश में डीमैट अकाउंट्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जेरोधा और एंजलवन जैसे ब्रोकिंग ऐप्स ने शेयर बाजार में निवेश को बेहद आसान बना दिया है। भारत आज दुनिया के सबसे बड़े शेयर मार्केट्स में शामिल है। उसका शेयर मार्केट 400 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। भारते के शेयर बाजार में दो तरह के इंडेक्स होते हैं। बीएसई सेंसेक्स में टॉप 30 कंपनियां शामिल हैं जबकि निफ्टी में 50 कंपनियां हैं। माना जाता है कि सेंसेक्स की शुरुआत साल 1850 में एक बरगद के पेड़ के नीचे हुई थी। चार गुजराती और एक पारसी कारोबारी इस पेड़ के नीचे बैठक करते थे। धीरे-धीरे दूसरे लोग भी इससे जुड़ते गए और कारवां बढ़ता गया।