नई दिल्ली: सुबह हवा सर्द चल रही थी और आसमान में बादल सूरज के साथ लुका-छिपी खेल रहे थे। धर्मशाला में कंडिशंस बहुत हद तक इंग्लिश क्रिकेटरों के अनुकूल थे। सिक्के ने भी मेहमान कप्तान बेन स्टोक्स का साथ दिया। स्टोक्स ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और टीम के ओपनर्स ने जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की लहराती गेंदों को झेलकर शुरुआती घंटे के खतरे को टाल दिया। इंग्लैंड ने एक अच्छे टोटल की लगभग सारी तैयारी कर ली थी। एक विकेट पर टीम का टोटल तीन अंकों में पहुंच चुका था। मगर अगले 118 रन में भारतीय स्पिनरों ने इंग्लैंड की पारी को समेटकर पूरी कहानी पलट दी।
स्पिनर्स के नाम रहा दिनबाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव के पांच और 100वां टेस्ट खेल रहे ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के चार विकेट के कारण इंग्लैंड 218 रन से आगे नहीं जा सका। इसके बाद भारत ने पांचवें और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन एक विकेट पर 135 रन बनाकर अपना पलड़ा भारी रखा। कप्तान रोहित शर्मा (52* रन, 83 बॉल, 6 फोर, 2 सिक्स) और यशस्वी जायसवाल (57 रन, 58 बॉल, 5 फोर, 3 सिक्स) ने अर्धशतक जड़ने के अलावा पहले विकेट के लिए 104 रन की तेजतर्रार साझेदारी करके भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। स्टंप्स के समय शुभमन गिल 26 रन बनाकर रोहित का साथ निभा रहे थेआखिर सात विकेट फटाफट गिरे
इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर 175 रन से छह विकेट पर 175 रन हो गया। इंग्लैंड ने दूसरे सेशन में 94 रन जोड़कर छह विकेट गंवाए। कुलदीप (5/72) ने चौथी बार पांच या इससे अधिक विकेट चटकाते हुए इंग्लैंड के शीर्ष और मध्यक्रम को समेटा तो वहीं अश्विन (4/51) ने निचले क्रम को ध्वस्त किया। रविंद्र जडेजा (1/17) ने भी एक विकेट चटकाए, जिससे सभी 10 विकेट स्पिनर्स के खाते में गए। इंग्लैंड की ओर से ओपनर जैक क्राउली (79) टॉप स्कोरर रहे। अश्विन की तरह अपना 100वां टेस्ट खेल रहे जॉनी बेयरस्टो (29), ओपनर बेन डकेट (27), जो रूट (26) और बेन फोक्स (24) अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे।
ऐसे समझिए दबदबा48 साल बाद ऐसा मौका आया है जब भारतीय स्पिनर्स ने टेस्ट के पहले दिन विपक्षी के सभी 10 विकेट निकाले। इससे पहले भारतीय स्पिनर्स ने 1976 में ऑकलैंड टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड के सभी 10 विकेट झटके थे। मैच की पहली पारी में भारतीय स्पिनर्स ने 220 बॉल डाली। विपक्षी टीम के सभी 10 विकेट निकालने के लिए किसी टीम के स्पिनर्स द्वारा डाली गईं यह सबसे कम गेंदें हैं।