
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण का मामला गरमाया हुआ है। शुक्रवार (23 फरवरी) भाजपा की महिला टीम को एक बार फिर संदेशखाली जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस टीम की अगुआई भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी कर रही हैं। डेलिगेशन और पुलिस के बीच बहस भी हुई। इसके बाद लॉकेट को हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले 16 फरवरी को भी केंद्रीय मंत्री और महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को संदेशखाली नहीं जाने दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के फरार नेता शाहजहां शेख पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ED ने राशन घोटाले में बंगाल में 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की है।
एक शख्स अरूप सोम के यहां भी ED की टीम पहुंची। अरूप पहले सरकारी नौकरी में था, अब मछली का धंधा करता है। इससे पहले 22 फरवरी (गुरुवार) को ED ने शाहजहां को नया समन जारी किया था। इसमें कहा था कि वह 29 फरवरी को जांच के लिए मौजूद रहे।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 मार्च को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली जा सकते हैं। वे यहां यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं से बात कर सकते हैं। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने गुरुवार (22 फरवरी) को इसकी जानकारी दी।
TMC नेता 50 लोगों के साथ घूम रहे, हमारे ऊपर प्रतिबंध- सुकांत मजूमदार
बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने 22 फरवरी को राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने प्रदर्शन किया था, उनकी गिरफ्तारी हुई, बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
बालूरघाट से सांसद सुकांत ने बताया- मैंने राज्यपाल को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। जिस तरह से एक सांसद के साथ बर्ताव किया गया, गवर्नर ने इस पर चिंता जताई। धारा-144 सिर्फ भाजपा के लिए लागू है, TMC के विधायक 50 लोगों को लेकर घूम रहे हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। शाहजहां शेख और भाई लोगों को टॉर्चर करते हैं। सीएम ममता बनर्जी और पार्टी इस बारे में कोई बात नहीं कर रही। संदेशखाली की महिलाएं ही अपनी बात उठा रही हैं।
भाजपा ने 22 फरवरी को वीडियो जारी किया था
भाजपा ने संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीड़न मामले में सोशल मीडिया पर 22 फरवरी को एक वीडियो भी जारी किया था। भाजपा ने कैप्शन में लिखा- संदेशखाली का ऐसा सच जो हमारी अंतरात्मा को झकझोर कर रख देगा। ममता बनर्जी इस सच को छिपाने की कोशिश कर रही हैं।
20 मिनट 41 सेकेंड के इस वीडियो में महिलाएं अपनी आपबीती सुना रही हैं। इसमें एक महिला ने दावा किया कि TMC नेता शिबप्रसाद हाजरा यानी शिबू हाजरा उन्हें घर से उठवाकर ले जाता था। TMC के लोग लड़कियों की सुंदरता देखकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। उनके लिए लड़कियां एंटरटेनमेंट थीं।
एक महिला ने बताया कि हाजरा के लोग रात के दो बजे बुलाने आते थे। कहते थे कि दादा (शिबू हाजरा) बुला रहे हैं। उनका आदेश मतलब भगवान का आदेश। मैं रात के दो बजे जाती थी और सुबह 5 बजे आती थी। मैं दुकान चलाती हूं। उनके बुलाने पर नहीं जाती तो मेरी दुकान तोड़ देते।
शेड्यूल ट्राइब्स और ह्यूमन राइट्स कमीशन ने मांगी रिपोर्टनेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल ट्राइब्स (NCST) की एक टीम गुरुवार (22 फरवरी) को संदेशखाली पहुंची। NCST के वाइस चेयरमैन अनंत नायक ने कहा कि हम DGP राजीव कुमार और बंगाल के चीफ सेक्रेटरी बीपी गोपालिका से रिपोर्ट मांगेंगे। हमने उन्हें तीन दिन का समय दिया है।
संदेशखाली मामले की जांच के लिए नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) की एक विशेष टीम भी गुरुवार को संदेशखाली का दौरा करेगी। NHRC ने भी चीफ सेक्रेटरी और DGP को नोटिस जारी कर आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर चार हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
संदेशखाली मामले में TMC के 3 नेता आरोपी, इनमें दो गिरफ्तार
संदेशखाली में TMC नेता शेख शाहजहां और उसके दो साथियों शिबू हाजरा और उत्तम सरदार पर आरोप है कि वे महिलाओं का गैंगरेप कर रहे थे। इस केस में शिबू हाजरा और उत्तम सरदार समेत 18 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शाहजहां अब तक फरार है।
शाहजहां शेख TMC का डिस्ट्रिक्ट लेवल का नेता है। राशन घोटाले में ED ने 5 जनवरी को उसके घर पर रेड की थी। तब शाहजहां के 200 से ज्यादा सपोर्टर्स ने टीम पर अटैक कर दिया। अफसरों को जान बचाकर भागना पड़ा। तभी से शाहजहां शेख फरार है। हालांकि संदेशखाली के लोगों का कहना है कि वो कहीं नहीं गया, यही हैं।