
मैंने गोपाल स्नैक्स की शुरुआत गुजरात के भादरा गांव से की थी। 13 साल की उम्र से नमकीन बनाना सीख गया था और पिताजी भी हमारी गांव की दुकान में सेव गाठियां बनाते थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद हमने 1 रुपए के तीखा-मीठा मिक्स के एक ही प्रोडक्ट से शुरुआत की।
ये कहानी है गोपाल स्नैक्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बिपिनभाई हडवानी की, जिनकी कंपनी अब इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO लेकर आ रही है। ये IPO 6 मार्च को खुल रहा है। रिटेल निवेशक इस IPO के लिए 11 मार्च तक बोली लगा सकेंगे।
ऐसे में हमने कंपनी की शुरुआत से लेकर IPO के सफर और अन्य चीजों पर कंपनी के एमडी बिपिनभाई हडवानी से बात की। पढ़िए उनका पूरा इंटरव्यू...
सवाल : गोपाल स्नैक्स का अब तक का सफर कैसा रहा है... कैसे इसकी शुरुआत हुई? क्या चैलेंजेज फेस किए?
जवाब : मैंने गोपाल स्नैक्स की शुरुआत गुजरात के भादरा गांव से की। 13 साल की उम्र से नमकीन बनाना सीख गया था और पिताजी भी हमारी गांव की दुकान में सेव गाठियां बनाते थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद हमने 1 रुपए के तीखा-मीठा मिक्स के एक ही प्रोडक्ट से शुरुआत की।
शुरुआत में हमने आस-पास के 10-12 गांव में अपने प्रोडक्ट को बेचा और बाद में इसे 52 गांव तक बढ़ाया। इसके बाद 90 के दशक में मैंने राजकोट में कजिन के साथ 8,500 रुपए के इन्वेस्टमेंट से पार्टनरशिप में बिजनेस किया, जो 4 साल तक चला। फिर मैंने अलग होकर गोपाल ब्रांड की शुरुआत घर से की।
उस समय मेरे पास एक भी पैसा निवेश करने के लिए नहीं था। तब मैंने उधार में सामान लाकर नमकीन बनाया। दोपहर के बाद जब स्टूडेंट स्कूल से आते थे तो उनसे पैकिंग करवाता था। फेरीवाले लोगों को 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से कमीशन देता था। बिपिनभाई ने बताया कि वह तीन भाई हैं। उनके दो भाई दुकान चलाते थे और वह साइकिल से गांव-गांव के दुकान में जाकर नमकीन बेचते थे।
सवाल : गोपाल स्नैक्स की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज कहां-कहां हैं और इनकी कैपेसिटी कितनी है?
जवाब : हमारी तीन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। गुजरात के राजकोट और मोडासा में हैं। वहीं, तीसरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के नागपुर में मुंबई-कोलकाता हाइवे पर है।
सवाल : IPO डॉक्यूमेंट के अनुसार गोपाल स्नैक्स मार्केट शेयर के हिसाब से देश का चौथा सबसे बड़ा ब्रांड है। तो कंपनी के अब आगे के क्या एक्सपेंशन प्लान हैं?
जवाब : हमारा अगला टारगेट सेल्स को लगातार बढ़ाना है। अभी 11 राज्यों में हमारी प्रजेंस है और 2-3 ने राज्यों में अपनी प्रजेंस बढ़ाने के साथ सेल्स को बढ़ाएंगे। इसके लिए हम नए-नए डिस्ट्रीब्यूटर बनाएंगे।
सवाल : गुजरात आपके लिए कोर मार्केट है। FY24 के फर्स्ट हाफ में इसने रेवेन्यू में 76% का योगदान दिया। तो और किन-किन राज्यों को आप टारगेट कर रहे हैं?
जवाब : गुजरात के बाद महाराष्ट्र,उत्तरप्रदेश और राजस्थान कोर फोकस वाले राज्य हैं। हाल ही में हमने तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड में अपनी प्रजेंस बढ़ाई है और उड़ीसा में भी शुरुआत करने वाले हैं।
सवाल : गोपाल स्नैक्स के अभी कुल कितने प्रोडक्ट हैं। इसमें सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट कौन-सा है?
जवाब : हमारे 80 से ज्यादा प्रोडक्ट हैं। इसमें सबसे ज्यादा गांठिया बिकता है।
सवाल : थोड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और स्टोरेज फैसेलिटी के बारे में बताइए?
जवाब : हम सामान कंपनी से सीधे डिस्ट्रीब्यूटर को देते हैं और डिस्ट्रीब्यूटर रिटेलर को देते हैं। हमारे पास होलसेलर और सुपर स्टॉकिस्ट चेन में कोई नहीं है। हमारे पास कंपनी का ऐप है, जिसके जरिए डिस्ट्रीब्यूटर सामान बेचता है। हमारे पास हर एक रिटेलर का डेटा रहा है। कौन से रिटेलर ने कौन सा प्रोडक्ट बेचा, कितने प्रोडक्ट बेचे... ऐप के जरिए इसके बारे में हमारे पास पूरा डेटा रहता है।
सवाल : कंपनी ने कब सोचा की IPO लाना चाहिए?
जवाब : हम दो भाई अलग हुए तो उसको मैंने लोन लेकर पैसे दिए। उस लोन को चुकाने के लिए ही हम IPO ला रहे हैं। इनहाउस मुनाफे के जरिए ही हमारे पास ग्रोथ की बहुत सारी अपॉर्चुनिटी हैं। हमारी प्रॉफिट मेकिंग कंपनी है।
ग्रे मार्केट में गोपाल स्नैक्स का प्रीमियम 29.93%
IPO ओपन होने के पहले कंपनी का शेयर ग्रे मार्केट में 29.93% यानी ₹120 प्रति शेयर के प्रीमियम पर पहुंच गया है। ऐसे में अपर प्राइस बैंड ₹401 के हिसाब से इसकी लिस्टिंग ₹521 पर हो सकती है। हालांकि यह केवल अनुमान होता है, शेयर की लिस्टिंग की प्राइस ग्रे मार्केट की प्राइस से काफी अलग होती है।