मॉस्को: हैदराबाद के रहने वाले 30 साल के मोहम्मद अफसान की रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में मौत हो गई। वह इस संघर्ष में मारे जाने वाले दूसरे भारतीय हैं, इससे पहले सूरत के हमिल मंगुकिया की एक हफ्ते पहले मौत हो गई थी। मॉस्को में भारतीय दूतावास ने अफसान के मौत की पुष्टि की है और वह उसके शव को वापस लाने के लिए रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं। उनकी मौत के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक गोली लगने से उनकी मौत हो गई। अफसान नौकरी के लिए गया था, लेकिन उसे एजेंट्स ने लड़ाई में धकेल दिया।
इस तरह का मामला तब सामने आया है, जब लगभग एक दर्जन भारतीयों के मुताबिक वह ठगी का शिकार हुए हैं। जॉब स्कैम के बाद उन्हें रूसी सेना में काम करने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अफसान कौन है और आखिर वह भारत से रूस कैसे पहुंच गए? अफसान का परिवार रेड हिल्स के बाजार घाट इलाके का रहने वाला है। परिवार इस खबर से सदमे में है और उन्हें इस बात का यकीन नहीं हो रहा था, जिसके बाद अफसान के भाई ने रूसी दूतावास की वेबसाइट पर उनके भाई की मौत से जुड़े सबूत मांगे। बाद में दूतावास ने उसे फोन कर मौत की पुष्टि की है। वहीं भर्ती एजेंट ने अफसान के जिंदा होने का दावा किया।
डेढ़ लाख रुपए की सैलरी का लालच
अफसान के परिवार के मुताबिक 31 दिसंबर को आखिरी बार उनकी बातचीत हुई थी। अफसान की पत्नी और दो साल से कम उम्र के दो छोटे बच्चे हैं। अफसान ने कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया है। वह हैदराबाद में पुरुषों के कपड़े की दुकान पर काम करता था। रूस जाने से पहले वह दुबई की एक पैकेजिंग कंपनी में काम करता था। परिवार का आरोप है कि उसे डेढ़ लाख रुपए महीने की सैलरी के साथ मॉस्को में एक हेल्पर के तौर पर नौकरी का वादा किया गया था। हालांकि धोखे से उसे रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। बिना हथियारों के प्रशिक्षण के उसे युद्ध के मैदान में उतार दिया गया।
रुपए लेकर मौत के मुंह में धकेला
इमरान के मुताबिक उसके भाई को रूसी नागरिकता का लालच भी दिया गया था। उन्होंने कहा, 'उनके साथ धोखा हुआ। एजेंट ने कहा था कि उन्हें सिर्फ मॉस्को में काम करना है। लेकिन इसकी जगह वह 15 दिनों की ट्रेनिंग के बाद यूक्रेन में लड़ने के लिए भेज दिए गए।' इमरान ने आगे कहा, '13 नवंबर को उन्होंने एक साल का एग्रीमेंट किया, जो कि रूसी भाषा में लिखा था। वह नहीं जानता था कि इस पर क्या लिखा है। उसने एजेंट पर विश्वास करके इस पर साइन कर दिया।' जिन एजेंट्स ने इन्हें मौत के मुंह में धकेला उन्होंने 3 लाख रुपये भी अफसान से लिए।